People who are afraid for Corona Virus

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Rahul Saxena

INDIAN SPORTSWOMAN : PART 7

कर्नाटक के बेंगलुरू की रहने वाली ऐश्वर्या पिसे (25) मोटरसाइकिल रेसर हैं | 2019 में वो FIM वर्ल्ड कप जीतकर मोटर स्पोर्ट्स में कोई विश्व खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं | फेडरेशन ऑफ़ मोटर स्पोर्ट्स क्लब ऑफ़ इंडिया ने ऐश्वर्या को 2016, 2017 और 2019 में आउटस्टैंडिंग वुमन इन मोटरस्पोर्ट्स अवार्ड से सम्मानित किया था | ऐश्वर्या ने नेशनल रोड रेसिंग और रैली चैंपियनशिप में छह खिताब जीते हैं |

ऐश्वर्या पिसे – कर्नाटक, मोटरस्पोर्ट्स 

अदिति अशोक (25) कर्नाटक के बेंगलुरू की रहने वाली पेशेवर गोल्फ खिलाडी हैं | 2016 में वो लेडीज़ यूरोपियन टूर जीतने वाली पहली भारतीय गोल्फ खिलाड़ी बनी थीं | उस साल अदिति को रूकी ऑफ़ द ईयर घोषित किया गया था | 2016 में ही अदिति ने रियो ओलंपिक में भी भाग लिया था | वो किसी वैश्विक गोल्फ मुक़ाबले में महज़ 18 साल की उम्र में भाग लेकर पहली भारतीय और सबसे युवा खिलाड़ी बनी थीं | 2017 में अदिति ऐसी पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं, जिसने लेडीज़ प्रोफ़ेशनल गोल्फ एसोसिएशन का टूर कार्ड हासिल किया था |

अदिति अशोक – कर्नाटक, गोल्फ 

मालविका बंसोड़ (19), महाराष्ट्र के नागपुर शहर की बैडमिंटन खिलाड़ी हैं | बाएं हाथ की खिलाड़ी मालविका ने 2018 की वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में भारत की नुमाइंदगी की है | 2019 में उन्होंने मालदीव इंटरनेशनल फ्यूचर सीरीज़ और अन्नपूर्णा पोस्ट इंटरनेशनल सीरीज़ में स्वर्ण पदक जीतकर विश्व की टॉप 200 खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई थी | उसी साल उन्होंने ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट और ऑल इंडिया जूनियर रैंकिंग टूर्नामेंट भी जीते थे |

मालविका बंसोड़ – महाराष्ट्र, बैडमिंटन

लवलीना बोरगोहाईं (23) असम के गोलाघाट की रहने वाली ग़ैर-पेशेवर मुक्केबाज़ हैं | वो 69 किलोग्राम वेल्टरवेट वर्ग की मुक्केबाज़ी मुक़ाबलों में भाग लेती हैं | लवलीना ने 2018 और 2019 में महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते थे. 2017 की एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता था | 2020 में भारत सरकार ने लवलीना को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था. वो असम की रहने वाली पहली महिला हैं, जिन्होंने ओलंपिक में खेलने के लिए क्वालिफाई कर लिया है |

लवलीना बोरगोहाईं – असम, मुक्केबाज़ी

लालरेमसियामी (20) मिज़ोरम के कोलासिब क़स्बे की रहने वाली हॉकी खिलाड़ी हैं | वो भारत की महिला हॉकी टीम में फॉरवर्ड के तौर पर खेलती हैं | लालरेमसियामी, मिज़ोरम की पहली महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एशियाड में उस वक़्त पदक जीता था, जब भारतीय टीम ने 2018 के एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था | अंतरराष्ट्रीय हॉकी परिसंघ ने उन्हें वर्ष 2019 की उभरती हुई स्टार घोषित किया था | लाालरेमसियामी उस भारतीय टीम का भी हिस्सा हैं, जिसने टोक्यो ओलंपिक में खेलने के लिए क्वालिफाई कर लिया है |

लालरेमसियामी – मिज़ोरम, हॉकी

कोल्लि वरलक्ष्मी पवनी कुमार (17) विशाखापत्तनम के एक गांव की रहने वाली भारोत्तोलक हैं |  वो 45 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती हैं | 2020 में पवनी कुमारी ने एशियाई युवा और जूनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप में युवा लड़कियों और जूनियर महिला वर्गों में रजत पदक जीते थे | इन मुक़ाबलों को जीतने के चलते उन्हें टोक्यो ओलंपिक में भी खेलने का मौक़ा मिल गया है | 2019 में पवनी कुमारी ने नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप की बेस्ट लिफ्टर का खिताब जीता था |

केवीएल पवनी कुमारी – आंध्र प्रदेश, भारोत्तोलन

कोनेरू हम्पी (33) आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की रहने वाली शतरंज की खिलाड़ी हैं | वो इस खेल के तेज़ चाल वाले मुक़ाबलों की मौजूदा विश्व चैंपियन हैं | 2002 में कोनेरू, केवल 15 साल की उम्र में ग्रैंड मास्टर का खिताब हासिल करके ये मकाम हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बन गई थीं | कोनेरू हम्पी पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं, जिन्हें पुरुषों का भी ग्रैंड मास्टर खिताब हासिल है | उन्हें वर्ष 2003 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार दिया गया था. 2007 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था |

कोनेरू हम्पी – आंध्र प्रदेश, शतरंज 

जमुना बोरो (23) असम के ढेकियाजुली क़स्बे की रहने वाली ग़ैर-पेशेवर मुक्केबाज़ हैं | जमुना ने अपना करियर 52 किलोग्राम वर्ग के मुक़ाबलों से शुरू किया था | इस वर्ग में जमुना ने अपना पहला राष्ट्रीय स्वर्ण पदक 2010 में ही जीता था | हालांकि अब वो 57 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगताओं में शामिल होती हैं | 2019 में जमुना बोरो ने AIBA वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था | जमुना ने 2019 में ही इंडियन ओपन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट और 23वें प्रेसिडेंट कप बॉक्सिंग इंटरनेशनल ओपन टूर्नामेंट में भी स्वर्ण पदक जीते थे |

जमुना बोरो – असम, मुक्केबाज़ी

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