जेनेवा कन्वेंशन

युद्धबंदी (Prisoner Of War) के अधिकारों को बरकरार रखने के लिए जेनेवा कन्वेंशन हुआ था | इसका मकसद है युद्ध के वक्त मानवीय मूल्यों को बनाए रखने के लिए कानून तैयार करना है |

इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस के मुताबिक, जेनेवा कन्वेंशन में युद्ध के दौरान गिरफ्तार सैनिकों के अधिकारों की रक्षा से संबंधित नियम हैं | इसमें बताया गया है कि युद्ध के दौरान बंधक बनाए गए सैनिकों और घायलों के साथ कैसा बर्ताव करना है | इसमें साफ तौर पर बताया गया है कि युद्धबंदियों (POW) के क्या अधिकार हैं |

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क्या कहते हैं जेनेवा कन्वेंशन के नियम

  • युद्ध के दौरान घायल होने वाले युद्धबंदी का अच्छे तरीके से इलाज होना चाहिए |
  • युद्धबंदियों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए |
  • उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए |
  • सैनिकों को कानूनी सुविधा भी मुहैया करानी होगी |
  • युद्धबंदियों को डराया-धमकाया नहीं जा सकता |
  • उन्हें अपमानित नहीं किया जा सकता |
  • युद्धबंदियों पर मुकदमा चलाया जा सकता है |
  • युद्ध के बाद युद्धबंदियों को वापस लौटाना होता है |
  • युद्धबंदियों से सिर्फ उनके नाम, सैन्य पद, नंबर और यूनिट के बारे में पूछा जा सकता है |
  • संधि के तहत युद्धबंदी को खाने-पीने और जरूरत की सभी चीजें दी जाती हैं |

#rahulinvision

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