जनता कर्फ्यू

कोरोना वायरस के संक्रमण से प्रभावित लोगों की संख्या अब अपने देश में भी बढ़ती जा रही है। ये वायरस चीन से निकलकर अब अपने देश की जनता को तो नुकसान पहुंचा ही रहा है, साथ ही यहां की अर्थव्यवस्था और बच्चों की शिक्षा में भी बाधा बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात देश को संबोधित किया। पीएम ने लोगों ‘जनता कर्फ्यू’ की अपील की है।

क्या है जनता कर्फ्यू –
पीएम मोदी ने कहा कि इस रविवार यानी 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कोई व्यक्ति अपने घर से बाहर न निकले। इसका मतलब यह है कि देश के हर एक सदस्य को कर्फ्यू जैसे हालात पैदा करने है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने अपील की है कि हर व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 10 लोगों को फोन करके कोरोना वायरस से बचाव के उपायों को तो बताएगा ही साथ ही वे जनता-कर्फ्यू से भी लोगों को परिचित कराएगा।

5 मिनट के लिए व्यक्त करना है आभार –
मोदी ने देश के हर सदस्य से अपील की है कि रविवार को शाम के पांच बजे दरवाजे पर या अपने घरों की छतों पर जाकर पांच मिनट तक ताली या घंटा बजाएं। इस कार्यक्रम से उन लोगों का आभार व्यक्त किया जाएगा जो दिन-रात कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी जान की परवाह न करते हुए लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके अलावा पीएम मोदी ने लोगों को सलाह दी कि वे अस्पतालों में रूटीन चेक-अप के लिए ने जाएं, जितना हो सके उतना बचें।

जनता कर्फ्यू का क्या मकसद –
प्रधानमंत्री ने बताया कि आखिर ये कर्फ्यू क्यों हमारे लिए जरूरी है। पीएम ने इस विषय पर मकसद समझाते हुए कहा कि ये ‘जनता कर्फ्यू’ की सफलता और होने वाले अनुभव, हमें आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे। मोदी ने राज्यों की सरकारों  से भी आग्रह किया है वे इस जनता कर्फ्यू को सफल बनाने में सहयोग दें।

#rahulinvision