Category Archives: Tarot Card

Nostradamus

भविष्य की बातों को हजारों साल पहले घोषणा करने के लिए मशहूर नास्त्रेदमस का जन्म 14 दिसम्बर 1503 को फ्रांस के एक छोटे से गांव सेंट रेमी में हुआ। उनका नाम मिशेल दि नास्त्रेदमस था | बचपन से ही उनकी अध्ययन में खास दिलचस्पी रही और उन्होनें लैटिन, यूनानी और हीब्रू भाषाओं के अलावा गणित, शरीर विज्ञान एवं ज्योतिष शास्त्र जैसे गूढ विषयों पर विशेष महारत हासिल कर ली।  नास्त्रेदमस ने किशोरावस्था से ही भविष्यवाणियां करना शुरू कर दी थी। ज्योतिष में उनकी बढती दिलचस्पी ने माता-पिता को चिंता में डाल दिया क्योंकि उस समय कट्टरपंथी इस विद्या को अच्छी नजर से नहीं देखते थे। ज्योतिष से उनका ध्यान हटाने के लिए उन्हे चिकित्सा विज्ञान पढने मांट पेलियर भेज दिया गया जिसके बाद तीन वर्ष की पढाई पूरी कर चिकित्सक बन गए।

23 अक्टूबर 1529 को उन्होने मांट पोलियर से ही डॉक्टरेट की उपाधि ली और उसी विश्वविद्यालय में शिक्षक बन गए। पहली पत्नी के देहांत के बाद 1547 में यूरोप जाकर उन्होने ऐन से दूसरी शादी कर ली। इस दौरान उन्होनें भविष्यवक्ता के रूप में खास नाम कमाया।

एक किंवदंती के अनुसार एक बार नास्त्रेदमस अपने मित्र के साथ इटली की सड़कों पर टहल रहे थे | उन्होनें भीड़ में एक युवक को देखा और जब वह युवक पास आया तो उसे आदर से सिर झुकाकर नमस्कार किया। मित्र ने आश्चर्यचकित होते हुए इसका कारण पुछा तो उन्होने कहा कि यह व्यक्ति आगे जाकर पोप का आसन ग्रहण करेगा। किंवदंती के अनुसार वास्तव में वह व्यक्ति फेलिस पेरेती था, जिसने 1585 में पोप चुना गया।

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां की ख्याति सुन फ्रांस की महारानी कैथरीन ने अपने बच्चों का भविष्य जानने की इच्छा जाहिर की। नास्त्रेदमस अपनी इच्छा से यह जान चुके थे कि महारानी के दोनो बच्चे अल्पायु है, लेकिन सच कहने की हिम्मत नहीं हो पायी और उन्होंने अपनी बात को प्रतीकात्मक छंदों में पेश किया। इसक प्रकार वह अपनी बात भी कह गए और महारानी के मन को कोई चोट भी नहीं पहुंची। तभी से नास्त्रेदमस ने यह तय कर लिया कि वे अपनी भविष्यवाणीयां को इसी तरह छंदो में ही व्यक्त करेंगें।

1550 के बाद नास्त्रेदमस ने चिकित्सक के पेशे को छोड़ अपना पूरा ध्यान ज्योतिष विद्या की साधना पर लगा दिया। उसी साल से अन्होंने अपना वार्षिक पंचाग भी निकालना शुरू कर दिया। उसमें ग्रहों की स्थिति, मौसम और फसलों आदि के बारे में पूर्वानुमान होते थे। कहा जाता है कि उनमें से ज्यादातर सत्य साबित हुई। नास्त्रेदमस ज्योतिष के साथ ही जादू से जुड़ी किताबों में घंटों डूबे रहते थे।

नास्त्रेदमस ने 1555 में भविष्यवाणियों से संबंधित अपने पहले ग्रंथ सेंचुरी के प्रथम भाग का लेखन पूरा किया, जो सबसे पहले फ्रेंच और बाद में अंग्रेजी, जर्मन, इटालवी, रोमन, ग्रीक भाषाओं में प्रकाशित हुआ। इस पुस्तक ने फ्रांस में इतना तहलका मचाया कि यह उस समय महंगी होने के बाद भी हाथों-हाथ बिक गई। उनके कुछ व्याख्याकारों क मानना है कि इस किताब के कई छंदो में प्रथम विश्व युद्ध, नेपोलियन, हिटलर और कैनेडी आदि से संबंद्ध घटनाएं स्पष्ट रूप से देखी जा सकती हैं। व्याख्याकारों ने नास्त्रेदमस के अनेक छंदो में तीसरे विश्वयुद्ध का पूर्वानुमान और दुनिया के विनाश के संकेत को भी समझ लेने में सफलता प्राप्त कर लेने का दावा किया है। अधिकांश शैक्षणिक और वैज्ञानिक सूत्रों का कहना है कि ये व्याख्याएँ गलत अनुवाद या गलतफ़हमी का परिणाम हैं और कुछ गलतियाँ तो जानबूझकर भी की गईं हैं |

नास्त्रेदमस के जीवन के अंतिम साल बहुत कष्ट से गुजरे। फ्रांस का न्याय विभाग उनके विरूद्ध यह जांच कर रहा था कि क्या वह वास्ताव में जादू-टोने का सहारा लेते थे। यदि यह आरोप सिद्ध हो जाता, तो वे दंड के अधिकारी हो जाते। लेकिन जांच का निष्कर्ष यह निकला कि वे कोई जादूगर नहीं बल्कि ज्योतिष विद्या में पारंगत है। उन्हीं दिनों जलोदर रोग से ग्रस्त हो गए। शरीर में एक फोड़ा हो गया जो लाख उपाचार के बाद भी ठीक नहीं हो पाया। उन्हें अपनी मृत्यु का पूर्वाभास हो गया था, इसलिए उन्होंने 17 जून 1566 को अपनी वसीयत तैयार करवाई।

01 जुलाई को पादरी को बुलाकर अपने अंतिम संस्कार के निर्देश दिए। 02 जूलाई 1566 को इस मशहूर भविष्यवक्ता का निधन हो गया। कहा जाता है कि अपनी मृत्यु की तिथि और समय की भविष्यवाणी वे पहले ही कर चुके थे।

एक व्याख्या के अनुसार “नास्त्रेदमस ने अपने संबंध मे जो कुछ गिनी-चुनी भविष्यवाणियां की थी, उनमें से एक यह भी थी कि उनकी मौत के 225  साल बाद कुछ समाजविरोधी तत्व उनकी कब्र खोदेंगे और उनके अवशेषों को निकालने का प्रयास करेंगे लेकिन तुरंत ही उनकी मौत हो जाएगी। वास्तव मे ऐसी ही हुआ। फ्रांसिसी क्रांति के बाद १७९१ में तीन लोगों ने नास्त्रेदमस की कब्र को खोदा, जिनकी तुरंत मौत हो गयी।”

#rahulinivision

Tarot Card Reading : know your future

टैरो जादू नहीं है। यह किसी की आत्मा या भविष्य की अंतर्दृष्टि नहीं है। यह किसी के जीवन में संभावनाओं को देखने और चीजों के बारे में सोचने के नए तरीकों की ओर एक ऊर्जा केंद्रित करने का एक तरीका है। यह किसी के दिमाग को खोलने के लिए है, इसे बंद करने के लिए नहीं।

जो लोग टैरो पढ़ते हैं, उनके पास दो कौशल होते हैं (memorization and observation) जिनका वे अभ्यास करते हैं और कम से कम दो व्यक्तित्व लक्षणों (intuition and perception) में से एक प्रदर्शन करते हैं।

सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, एक पाठक को कार्ड के डेक को याद करना होता है। यह एक आसान काम नहीं है। टैरो डेक में चार “सूट” (वैंड्स, कप, तलवार और पेंटाकल्स [या सिक्के]) होते हैं और प्रत्येक सूट में एक से दस कार्ड शामिल होते हैं | इन चार सूटों (जिसे माइनर अर्चना कहा जाता है) के अलावा, 22 और कार्ड हैं जिन्हें मेजर अर्चना कहा जाता है। पूर्ण टैरो डेक 62 कार्ड बनाता है और हर कार्ड का एक विशिष्ट अर्थ होता है।

giphy.gif

पढ़ना विज्ञान नहीं, उसकी एक कला है। कला को परिभाषित करना असंभव है। कला वह है जिसे हम सभी बनाते हैं और यह टैरो का तरीका है। अभ्यास हमें बेहतर बनाता है लेकिन कोई पूर्ण नहीं है। एक खुले दिमाग के साथ टैरो में जाएं और उम्मीद के बिना टैरो का अनुभव करें। टैरो में केवल विकल्प और संभावनाएं हैं। पढ़ने और पढ़ने का आनंद लें। जीवन का आनंद लें।

Register yourself for free Tarot Card on this site. Go on top right of this site and click on ‘Tarot Appointment’ tab. Fill the form and wait for the call.

Also visit Karma Cafe

#rahulinvision